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कैंसर के लिए देखभाल (Cancer Management)

  कैंसर के लिए देखभाल ऑंकोलॉजी विभाग सभी चरणों के कैंसर के इलाज के लिए सक्षम है। ऑंकोलॉजी विभाग के पास सर्जिकल , मेडिकल (कीमोथेरेपी , इम्यूनोथेरेपी , और हार्मोन थेरेपी) , रेडिएशन थेरेपी , हेमटोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सहित ऑन्कोलॉजी में हर तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। ज्यादातर चुनौतीपूर्ण मामलों में निदान करने के लिए हमारे विशेषज्ञों की टीम बेहद कुशल है जैसे कि बीमारी किस स्टेज पर है , बीमारी का दवाओं के साथ इलाज करना , रेडियोथैरेपी , या फिर कैंसर का इलाज करने के लिए किसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करना जिसके लिए हॉस्पिटल पूरी तरह से सुसज्जित है। भारत के हॉस्पिटल हर उम्र के लोगों तथा बच्चों से संबंधित कैंसर रोग का निदान कर सकता है। मरीज की हर तरीके से देखभाल हमारे उपचार के मूल में है तथा इस कार्य को करने में हमारे विशेषज्ञ पूरी तरह से दक्ष हैं। भारत के अस्पतालों में सर्जिकल , मेडिकल और रेडिएशन स्पेशलिटी के साथ व्यापक ऑंकोलॉजी सेवाएं प्रदान करते हैं तथा हमारे पास रेडियोलॉजी , न्यूक्लियर मेडिसिन , पैथोलॉजी , साइकोलॉजी , रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी , आदि जैसी अन्य विशेषताएं भी हैं जो कि...

जनरल सर्जरी (General Surgery)

  जनरल सर्जरी मेडिकल एवं सर्जरी विभाग में जनरल सर्जरी एक ऐसी ब्रांच है जिसके लिए विशिष्ट प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। जनरल सर्जरी के अंतर्गत एनाटॉमी , मेटाबॉलिज्म , न्यूट्रीशन , पुनर्जीवन , गहन देखभाल आदि जैसे विषय शामिल होते है। एक जनरल सर्जन किसी बीमारी के निदान , ऑपरेटिव तथा पोस्ट-ऑपरेटिव प्रबंधन का विशेषज्ञ होता है। जनरल सर्जन कई तरह की विशिष्ट सर्जरी के लिए प्रशिक्षित होता है जिनमें सिर और गर्दन , पेट , वैस्कुलर सिस्टम , एंडोक्राइन सिस्टम आदि शामिल हैं। भारत के हॉस्पिटल में जनरल सर्जरी विभाग अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है और हजारों रोगियों की अनेक तरह की बीमारियों को ठीक करने के लिए डिजाइन किया गया है।  हमारे जनरल सर्जन विशेष रूप से अत्याधुनिक , हाई-टेक इंस्ट्रूमेंटेशन में प्रशिक्षित हैं और सर्जिकल रोगियों को व्यापक देखभाल प्रदान करने के लिए लगातार खुद को सुदृढ़ कर रहे हैं , जिसमें प्रीऑपरेटिव , ऑपरेटिव और पोस्टऑपरेटिव प्रबंधन के साथ-साथ मल्टीपल कॉम्प्लिकेशंस का प्रबंधन भी शामिल है। भारत के हॉस्पिटल्स विश्व में सबसे अच्छे जनरल सर्जरी हॉस्पिटल्स में से एक...

ऑर्थोपेडिक (orthopedic)

  ऑर्थोपेडिक ट्रामा तथा ऑर्थोपेडिक , मेडिसिन के अंतर्गत आने वाली स्पेशलिटी हैं जो कि मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम के रोगों और विकारों से संबंधित हैं एवं जिसमें हड्डियों , जोड़ो , मांसपेशियों , लिगामेंट , नर्व आदि शामिल हैं। सुविधाएँ और सेवाएं भारत के विभिन्न हॉस्पिटल्स में हड्डी रोग विभाग के दायरे में सामान्य और जनरल सर्जरी , दोनों ही उपलब्ध है। जनरल ऑर्थोपेडिक्स कंधे , घुटनों , स्पोर्ट्स मेडिसिन , ट्रॉमा , पीडियाट्रिक्स , जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी , फिजियोथेरेपी और टोटल हिप रिप्लेसमेंट की सर्जरी को पूरा करता है।   अन्य तरह की सर्जरी में आर्थ्रोप्लास्टी , ऑर्थो बायोलॉजिक , कार्टिलेज ठीक करना तथा जॉइंट प्रिजर्वेशन जैसे प्रोसीजर शामिल हैं। उपेक्षित ट्रामा और पॉलीट्रामा प्रबंधन के लिए भी प्रोसीजर किये जाते हैं। अन्य स्पेशलिटी के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात और विकास संबंधी विकारों का उपचार , अंग संरक्षण और ऑन्कोलॉजिकल पुनर्निर्माण , हाथ और कलाई विकार आदि से संबंधित सर्जरी की जाती हैं। जहां भी संभव हो , वहां हॉस्पिटल्स में न्यूनतम इनवेसिव   प्रोसीजर का इस्तेमाल यह जाता है ज...

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइंस (Gastrointestinal Science)

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइंस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट एक ट्यूबलर संरचना है जिसमें आहार नाल के साथ मुंह से गुदा तक के अंग शामिल होते हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेष तौर पर पाचन तंत्र , पैंक्रियास , लिवर और पित्ताशय की थैली के विकारों से संबंधित है। लिवर तथा पाचन संबंधी रोग भारत में मौत के कारणों में पांचवें नंबर पर आते हैं। इसमें मुख्यतः गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग , पेप्टिकअल्सर रोग , फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर्स ,   गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग , पेनक्रिएटिकोबिलिअरी डिजीज , इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज , एक्यूट एवं क्रॉनिक लिवर तथा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मालिगनेंसी जैसे रोग शामिल हैं। डिपार्टमेंट ऑफ जनरल सर्जरी में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन तथा गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की बेहद अनुभवी टीम है जो कि पाचन तथा लीवर संबंधी विकारों में स्पेशलिटी रखते हैं। लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी यह दोनों ही न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी हैं , लेकिन रोबोट के अतिरिक्त लाभ हैं जो इसे कुछ खास मामलों में एक बेहतर विकल्प बनाते हैं। रोबोटिक सर्जरी में , सर्जन एक कंसोल के माध्यम से काम क...

कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (Cardiothoracic Vascular Surgery)

  कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी ह्रदय से जुडी हुई कुछ समस्याओं को जीवनशैली में बदलाव और दवाओं के साथ प्रबंधित किया जा सकता है , जबकि कुछ अन्य समस्याएं जैसे कि हार्ट ब्लॉक या ह्रदय की प्रमुख ब्लड वेसल जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए सर्जरी की सहायता लेनी पड़ती है। मेडिसिन की इस स्पेशलिटी को कार्डियोथोरेसिक या वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) कहा जाता है। सीटीवीएस का उपयोग हृदय , फेफड़े और छाती से जुड़े विकारों के प्रबंधन के लिए किया जाता है। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी मुख्य रूप से बंद पड़ी कोरोनरी आर्टरी को खोलने , हार्ट के डिफेक्ट को ठीक करने या कमजोर हृदय की मांसपेशियों की मरम्मत के लिए की जाती है।   दूसरी तरफ वैस्कुलर सर्जरी , ब्लड वेसल के विकारों से जुड़ी हुई है। इसके अंतर्गत लिंफेटिक वेसल्स , वीन तथा आर्टरी से जुड़े विकार शामिल हैं। वैस्कुलर सर्जरी के द्वारा ब्लड वेसल के पूरे नेटवर्क के प्रबंधन में सहायता मिलती है। वैस्कुलर सर्जरी रक्त के प्रवाह को पुनः ठीक करने के लिए भी की जाती है। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के लिए , भारत में कई अच्छे हॉस्पिटल्स हैं जिसमें अनुभवी कार्डियोथोरेस...