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नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (Non-communicable disease)

जैसे-जैसे लोग अस्त व्यस्त तथा एक बेहद संपन्न जीवन शैली की तरफ बढ़ते जा रहे हैं, पूरे देश में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज लगातार बढ़ती जा रही हैं। नतीजतन, ज्यादातर लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कोरोनरी धमनी की बीमारी , और यूरोलॉजिकल समस्याओं ( मूत्र संबंधी रोगों) जैसे प्रोस्टेट इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन, किडनी स्टोन और किडनी फैलियर जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश में गंभीर बीमारियों का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। आज, हम देखते हैं कि युवा आबादी द्वारा हृदय की समस्याओं को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जब तक कि यह हृदय रोग बड़ा रूप नहीं ले लेते जिसके परिणाम बाद में बेहद घातक होते हैं। जैसे-जैसे मामलों की संख्या हर दिन बढ़ रही है, जन जागरूकता बढ़ाना और लोगों को हृदय रोग को महामारी बनने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि यह आर्टिकल, हृदय की समस्याओं के विषय में और इसके समयअनुरूप निदान के विषय में तथा इसके उपचार के महत्व के बारे में जन जागरूकता में सुधार करेगी। पुरुष और महिला, दोनों ही तरह-...