सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

anti-inflammatory लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अस्थमा के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल (Use of air purifier in Asthma)

अस्थमा के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल: उनकी प्रभावशीलता तथा उनका चुनाव किस प्रकार किया जाए   हर दिन , हमारा शरीर किसी भी अन्य पदार्थ की तुलना में सबसे अधिक हवा का इस्तेमाल करता है। हवा की गुणवत्ता पहले से कहीं अधिक खराब होने के साथ , हम विभिन्न प्रदूषकों को सांस के साथ अंदर ले रहे हैं , जिससे अस्थमा सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ' ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2018'1 के अनुसार , भारत में 1.31 अरब लोग में से  6 प्रतिशत बच्चे और 2 प्रतिशत वयस्क अस्थमा से पीड़ित हैं।   यदि आप प्रदूषित हवा की वजह से सांस लेने में समस्या का अनुभव कर रहे हैं तो आपको स्वच्छ हवा प्राप्त करने के किसी समाधान की आवश्यकता महसूस हो रही होगी। हमारा सबसे पहला स्पष्ट विचार यही होता है कि हम अपने घर को चारों तरफ से बंद कर ले , ऐसा करने से हमें लगता है कि हमने प्रदूषण को रोक लिया है। परंतु सच्चाई तो यह है कि हम इस प्रदूषण को ही घर के अंदर बंद कर रहे हैं। अब इस बंद घर के अंदर , चाहे हम सो रहे हो , काम कर रहे हो , खाना बना रहे हो या व्यायाम कर रहे हो , हम लगातार प्रदूषित हवा में ही सांस...

अस्थमा के रोगियों पर कोविड का प्रभाव (Asthma & Covid)

अस्थमा के रोगियों पर कोविड का प्रभाव विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक चलने वाले कोविड- 19 के प्रभाव के कारण अस्थमा के मामलों में लगभग 5-10% की वृद्धि हुई है दुनिया भर में 300 मिलियन से अधिक लोग ' अस्थमा ' से पीड़ित हैं - यह एक सांस की समस्या है जिसमें वायुपथ संकीर्ण हो जाता है और उसमें सूजन आ जाती है , जिसके परिणामस्वरूप सांस लेने में कठिनाई हो सकती है और खांसी भी हो सकती है। हालांकि यह आनुवंशिक कारकों के कारण भी हो सकता है ; इन दिनों पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन इस बीमारी के लिए एक प्रमुख जोखिम कारकों में से हैं , और हाल ही में , यह भी पाया गया है कि अस्थमा के मामलों की वृद्धि में कोविड की भी प्रमुख भूमिका है। हर साल मई के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर , डॉक्टर्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कोविड के बाद अस्थमा के मामलों में वृद्धि हुई है , और अस्थमा को किस तरह से नियंत्रण में रखा जा सकता है। जिन लोगों को कोविड हुआ है , उनमें अस्थमा होने की प्रवृत्ति अधिक होती है। कोविड के बाद अस्थमा के मामलों में ल...

स्वस्थ भोजन की पांच आदतें जो गर्भावस्था के दौरान पीसीओएस में मदद कर सकती हैं (PCOS-Polycystic ovary syndrome)

स्वस्थ भोजन की पांच आदतें जो गर्भावस्था के दौरान पीसीओएस में मदद कर सकती हैं पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं का स्वास्थ्य चिंता का एक प्रमुख विषय बन गया है। जीवनशैली और खान-पान की आदतों में बदलाव के कारण , विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) नामक समस्या काफी आम हो रही है। गर्भावस्था के मामले में , यह स्थिति गर्भधारण को और भी कठिन बना देती है और प्रसव के दौरान कई जटिलताएँ पैदा कर सकती है। यह स्थिति महिलाओं की प्रजनन आयु में एक हार्मोनल विकार से जुड़ी हुई है जो मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है। अंडाशय के अंदर तरल पदार्थ (फॉलिकल) के कई छोटे संग्रह विकसित होते हैं और नियमित रूप से अंडे छोड़ने में विफल होते हैं जो उन महिलाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं जो दूसरे बच्चे के लिए गर्भ धारण करना चाहती हैं। यदि कोई महिला गर्भवती भी हो जाती है , तो भी गर्भवती होने वाली माताओं में गर्भपात की संभावना तीन गुना अधिक हो जाती है। चूंकि इस महत्वपूर्ण समय के दौरान भोजन एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है , इसलिए कुछ खान-पान की आदतें गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान ज...