ऑर्थोपेडिक
ट्रामा तथा
ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन के अंतर्गत आने वाली स्पेशलिटी हैं जो कि मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम के
रोगों और विकारों से संबंधित हैं एवं जिसमें हड्डियों, जोड़ो, मांसपेशियों, लिगामेंट, नर्व आदि शामिल हैं।
सुविधाएँ और सेवाएं
भारत के विभिन्न हॉस्पिटल्स में हड्डी रोग विभाग के दायरे में सामान्य और जनरल सर्जरी, दोनों ही उपलब्ध है। जनरल ऑर्थोपेडिक्स कंधे, घुटनों, स्पोर्ट्स मेडिसिन, ट्रॉमा, पीडियाट्रिक्स, जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, फिजियोथेरेपी और टोटल हिप रिप्लेसमेंट
की सर्जरी को पूरा करता है। अन्य तरह की
सर्जरी में आर्थ्रोप्लास्टी, ऑर्थो बायोलॉजिक, कार्टिलेज ठीक करना तथा जॉइंट प्रिजर्वेशन जैसे प्रोसीजर शामिल हैं। उपेक्षित
ट्रामा और पॉलीट्रामा प्रबंधन के लिए भी प्रोसीजर किये जाते हैं। अन्य स्पेशलिटी
के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात और विकास संबंधी विकारों का उपचार, अंग संरक्षण और ऑन्कोलॉजिकल पुनर्निर्माण, हाथ और कलाई विकार आदि से संबंधित
सर्जरी की जाती हैं। जहां भी संभव हो, वहां हॉस्पिटल्स में न्यूनतम
इनवेसिव प्रोसीजर का इस्तेमाल यह जाता है
जिससे मरीज का दर्द कम हो जाता है तथा जल्दी ही वह ठीक हो जाता है। सभी मेडिकल, सर्जिकल और नर्सिंग क्षेत्रों से प्री-सर्जरी और पोस्ट-सर्जरी सहायता सभी
सर्जरी रोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद करती है।
सामान्य प्रश्न
पहली विजिट के
दौरान क्या होता है?
रोगी के
स्वास्थ्य के बारे में सामान्य जानकारी एकत्र करने के बाद, हमारे हड्डी रोग विशेषज्ञ रोगी के मेडिकल हिस्ट्री की समीक्षा करते हैं तथा
उसके बाद शारीरिक जांच करते हैं। सामान्य शारीरिक जांच के बाद डॉक्टर किसी अन्य
तरह की आवश्यक जांच के आदेश दे सकता है।
टोटल नी
रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद क्या मैं अपनी दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकता
हूं?
हां, आप लगभग 3-6 सप्ताह की सर्जरी के बाद अपनी अधिकांश दैनिक गतिविधियों जैसे चलना, बैठना, खड़े होना, गाड़ी चलाना आदि फिर से शुरू कर सकते हैं। हालांकि, कूद, खेल, जॉगिंग, स्कीइंग आदि सहित उच्च दबाव वाली गतिविधियों से बचना होगा।
मल्टी लिगामेंट
नी इंजरी क्या है?
मल्टी लिगामेंट
नी इंजरी घुटने की चोट से संबंधित है जिसमें घुटनों के 2 या उससे अधिक लिगामेंट्स शामिल हो सकते हैं। इसे जटिल माना जाता है क्योंकि
इससे नर्व और/या रक्त वाहिका को भी नुकसान
पहुंच सकता है।
'ट्रिगर फिंगर' क्या है?
ट्रिगर फिंगर
एक ऐसी स्थिति है जिसमें उंगलियों को मोड़ने या सीधे करने पर वे आपस में लॉक हो
जाती हैं, इसका सबसे ज्यादा प्रभाव अनामिका ऊँगली और अंगूठे पर देखा गया है।

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