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प्रसूति एवं स्त्री रोग (obstetrics and gynecology)

  प्रसूति एवं स्त्री रोग महिलाएं अपने जीवन में कई तरह के बायोलॉजिकल तथा साइकोसोमेटिक परिवर्तनों से गुजरती हैं , जिसमें गर्भधारण करना भी शामिल है। प्रसूति एवं स्त्री रोग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ हॉस्पिटल में महिलाओं और शिशु स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उत्कृष्ट और समग्र उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल प्रसूति एवं स्त्री रोग में उपचार प्रदान करने के लिए मल्टी स्पेशलिटी विशेषताओं से अच्छी तरह संपन्न है। एक महिला का शरीर यौवन से रजोनिवृत्ति तक विभिन्न परिवर्तनों से गुजरता है और इन चरणों में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बेहद आम हैं। प्रसूति एवं स्त्री रोग मेडिसिन की एक शाखा है जो महिलाओं से संबंधित सभी तरह के विकारों का निदान करने में सक्षम है। प्रसूति विभाग , मेडिकल साइंस का एक ऐसा विषय है जो प्रसव से संबंधित है तथा महिलाओं को उनकी गर्भावस्था तथा लेबर के प्रबंधन में सहायता करता है। दूसरी तरफ स्त्री रोग फीमेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम से संबंधित है तथा इससे जुड़ी हुई सभी समस्याओं के प्रबंधन में सहायता करता है। सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) तथा पॉलीसिस्टिक ओवरी ज...

क्रोनिक किडनी डिजीज (Chronic Kidney Disease)

  क्रोनिक किडनी डिजीज: वह सब कुछ जो आपको जानना आवश्यक है   हमारी किडनी , मूत्र के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त पानी को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमारी किडनी , हीमोग्लोबिन के स्तर और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी शामिल होती हैं। जब हमारी किडनी समय के साथ अपना सामान्य कार्य करने में सक्षम नहीं रह जाती है , तो वे हानिकारक विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को प्रभावी ढंग से निकालने में सक्षम नहीं होती हैं , जिससे शरीर में लगभग सभी अंग प्रणालियों को प्रभावित करने वाली विभिन्न जटिलताएं आ जाती हैं , और यदि समय पर इलाज ना मिले तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। इस स्थिति को क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) या क्रोनिक किडनी फेल्योर के रूप में जाना जाता है।   सीकेडी की सबसे आम जटिलताओं में शामिल हैं:   ·         फ्लूइड रिटेंशन के कारण उच्च रक्तचाप , फेफड़ों में द्रव का निर्माण तथा हाथ और पैरों में सूजन हो जाना ·         हृदय रोग के कारण हार्ट फेल...