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सर्वाइकल पेन एंड बैक पेन (cervical pain and back pain)

कोविड महामारी के बाद पीठ दर्द और सर्वाइकल पेन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं

 

कोविड-19 महामारी ने किसी न किसी रूप में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित किया है। इसने न केवल स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौतियों खड़ी की हैं बल्कि लोगों की जीवन शैली को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। शहरों में अचानक से लॉकडाउन लग गए, जिस कारण ऑफिस में काम करने वाले लोगों को घर में काम करने का आदी होना पड़ा और इसीलिए स्वास्थ्य से संबंधित बड़ी चिंताएं पैदा हो गईं। रात में लंबे समय तक काम करने और अस्त-व्यस्त जीवन शैली अपनाने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है, जिनमें से अधिकांश समय के साथ और बड़ी समस्याओं में परिवर्तित होते जा रहे हैं।

पिछले दो वर्षों में, विभिन्न आयु वर्ग के लोगों में पीठ दर्द और सर्वाइकल पेन की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। वर्क-फ्रॉम-होम की संस्कृति, खराब जीवनशैली और शारीरिक गतिविधि की कमी ने पीठ के दर्द को बढ़ा दिया है क्योंकि लगातार एक ही जगह बैठ कर काम करने के कारण इंसान की पीठ, फिटनेस की कमी के कारण कमजोर हो जाती है। डॉक्टर्स के मुताबिक तकरीबन 60 फीसदी मरीज कमर दर्द, साइटिका और सर्वाइकल पेन की समस्या के साथ आते हैं।

अधिकांश लोग बिना ब्रेक लिए अनगिनत घंटों तक अपने कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं, जिसके परिणामस्वरूप खासकर पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दर्द और जोड़ों की समस्या होती है। यह बहुत आम हो गया है और यहां तक ​​कि जोड़ों की शक्ति को भी काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।

इनमें से अधिकांश मामलों का इलाज, दवा और जीवनशैली में कुछ आवश्यक बदलाव लाकर किया जा सकता है। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में सर्जरी की भी आवश्यकता होती है। तकनीकी लाभ और न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रियाओं की मदद से, पीठ और सर्वाइकल पेन की समस्याओं का इलाज आसान हो गया है। इसके लिए हॉस्पिटल में केवल 1 या 2 दिनों के लिए ही भर्ती होना पड़ता है। नतीजतन, मरीज अब 1-2 सप्ताह के बाद अपनी नियमित जीवन शैली में वापस आने में सक्षम हैं। हालांकि, दिन-प्रतिदिन की गतिविधि में अचानक बदलाव के कारण रीढ़ की समस्याएं अब बहुत आम हो गई हैं, फिर भी उचित जीवन शैली विकल्पों और चिकित्सा सहायता के साथ इसकी प्रगति को रोका जा सकता है।

 

 

 


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